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ज़िन्दगी

Sunday, December 22, 2013

खुद से तेरी हर बात छेड़ता ज़रूर हूँ !

तन्हाई के लम्हे में घुटता रहता हूँ,
फिर भी आपके लिए कुछ लिखता रहता हूँ,
मुस्कानों से कोई रिश्ता बचा तो नहीं है,
फिर भी मुस्कुराते दिखता  ज़रूर हूँ ,
जिन रास्तों पे चलते थे, हम साथ कभी,
उन रास्तों से , आज भी मिलता ज़रूर हूँ,
अकेला  बैठकर आंसुओं के झील में,
तन्हाई के पत्थर फैकता ज़रूर हूँ,
अपना ग़म लोगों से बता नहीं सकता यार,
खुद से तेरी हर बात छेड़ता ज़रूर हूँ !!

Thursday, October 17, 2013

यदि कोई व्यक्ति आपको गुस्सा दिलाने में सफल हो जाता है 
तो समझ लीजिये आप  ….  उसके हाथ की कठपुतली हैं !!

Thursday, July 18, 2013

तसल्ली नहीं होती !




ना चाहते हुए भी , न जाने कब और कैसे हो गए ... शिद्दत पसंद हम,

जब तक ज़ख़्म नहीं खाता, तसल्ली नहीं होती !

Saturday, July 13, 2013

पहले ही छलक पड़ा !!



चाहत तो थी .... की लिखूं ये ...की तेरी  दोस्ती के बगैर में बिलकुल खुश हूँ ,

मगर ये कमबख्त आंसू भी ना, कलम के लिखने से पहले ही छलक पड़ा !!

Tuesday, July 9, 2013

बाकी सब तुम्हारा !!



चलो "यार" ......आज कुछ अलग करते हैं?

आज इस दुनियां को ही बाँट लेते हैं ,
मेरे हिस्से में सिर्फ तुम  ....बाकी सब तुम्हारा !!

Saturday, July 6, 2013

हर रात को मर जाना !!


आवारगी में हमने इश्क को भी हुनर जाना ,
हर सुबह को जी उठता हूँ ...हर रात को मर जाना !!

Tuesday, July 2, 2013

की आखिर कब तक .....................!


 

मेरी मंज़िल मेरी हद ! बस कामयाबी के  शिखर तक !!!
फिक्र तो ये है ....बस थोड़ी सी दुरी है, फक्र मुझे है ...............की  आखिर कब तक .....................!

Thursday, June 27, 2013

पैर से उड़ा भी देते !!

काश क्या खूब होता ...की हमारी यादें " रेत् " के सामान होती,
मुट्ठी से गिरा  देते ....और पैर से उड़ा भी देते !!

कयामत होती

ख़ुदा  का करिश्मा ही है दोस्त ............की ये दिल बेचारा सिर्फ सुनता है ....और सुनकर सहता है,
वरना ............... ग़र इसे बोलने की आज़ादी दी जाती तो आज कयामत होती !!

Saturday, June 15, 2013

हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ ,


हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ ,
"दोस्त "
ये सोचकर, की जो नाकामी का डर मेरे इस दिल में बैठा था,

वो कम से कम इस ख़ून  के साथ निकल तो जाये !!!

Tuesday, June 11, 2013

"कम्बखत" ये ज़िन्दगी तो चार दिन की ही निकली !!!




खुशियों ने वादा किया था .......की हम पाँच दिन बाद .....लौट आयेंगें, 


पर ये क्या ग़द्दारी है यार ??


जब हमने ज़िन्दगी की किताब खोलकर देखा तो,

"कम्बखत"  ये ज़िन्दगी तो  चार दिन की ही निकली !!!

Saturday, June 8, 2013

जहाँ पानी में




ना जाने कहाँ ग़ुम सी  गई ...... वो मेरे बचपन की अमीरी, 
जहाँ पानी में भी ........... हमारे जहाज चला करते थे !!

Thursday, June 6, 2013

आप ही अनुमान लगाने शुरू कर देता है !!!

प्रश्न: "गूगल एक लड़का है या लड़की है..???
.
.
.
.
दोस्तों आपको क्या लगता है??? .
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.
.
. .
..
..
....
उत्तर: " ज़ाहिर  है यह एक लड़की है!
.
.
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क्योंकि .... यह आपका वाक्य पूरा होने से पहले ही सुझाव देने लगता है, और अपने आप ही अनुमान लगाने शुरू कर देता है !!!

Wednesday, June 5, 2013

ढूंढते - ढूंढते



मेरे लफ़्ज़ों से न कर ...मेरे किरदार का फ़ैसला ,
तेरा वज़ूद मिट जायेगा, मेरा हक़ीकत ढूंढते - ढूंढते !!!

Friday, May 31, 2013

लोरी गाकर सुनाया ही नहीं

ठंडी हवा भी हमें जला गयी,
और ये क्या ..पटाखों ने तो शोर मचाया ही नहीं!
चलना तो जैसे -तैसे, हमने सीख ही लिया,
फिर किसी ने .....लोरी गाकर सुनाया ही नहीं!!

अक्सर बात किया करते हैं



सलीका हो ग़र भीगी पलकों को पढ़ने का,
तो बहते हुए आंसु, अक्सर बात किया करते हैं !!

Wednesday, May 29, 2013

काश..एक रूह की खातिर ........तुम यहाँ होते ,  एक नज़्म बनकर !
तो  समेट  लेता तुम्हे पन्नो में  चुन - चुनकर !!
मोड़कर पन्नो को भर देता लिफ़ाफे में ,
और भेज देता उसे .....आपके घर पर !!
काश तुम यहाँ होते एक नज़्म  बनकर !!

चेहरा बदलते देखा है !!!




बादल के आगे चाँद को भी मचलते देखा है, 
पलकों के नीचे, आँखों को भी संभलते देखा है!!
पर ये ज़रूरी नहीं की हर शीशा आपके चेहरे का गुलाम हो ....क्योंकि दोस्त,
हमने आईने  के आगे चेहरा बदलते देखा है !!!

सज़ा है !!!


 डूबी है,  मेरी उँगलियाँ, मेरे ही ख़ून में .......................दोस्तों ,
ये चंद  कांच के टुकडो पे भरोसे की सज़ा है !!!
 

Wednesday, May 15, 2013

कहीं जाने की!



जलते हुए शहरों में इजाफा ही तो होगा,
जब रस्म  ही नहीं है, ...कोई आग बुझाने की! 
ग़र  नियत ही ठीक नहीं है इस ज़माने की,
जल्दी तो मुझे भी नहीं है, कहीं जाने की!!

Wednesday, March 13, 2013

आत्मनिर्भता खत्म होने के बाद

शक़ से आत्मनिर्भरता ख़त्म  हो जाती है,
और आत्मनिर्भता खत्म होने के बाद  .... ज़िन्दगी !!!

Saturday, March 9, 2013

इसलिए सावधान रहिये


एक युवा मच्छर अपनी ज़िन्दगी की पहली उड़ान के लिए उड़ा !!


पिता ने  पूछा, "कैसा लगा ?
मच्छर ने कहा, "पापा ...ये अनुभव तो बहुत अच्छा था!  जिसने भी मुझे देखा ताली बजाने लगा।
पिता ने कहा, "वो ताली आप के लिए नहीं थी।  उन लोगों की ताली  आपको मारने के लिए थी,
वे और अधिक ताली बजाते, तो संभव था की आप इस वक़्त जीवित नहीं,...... मौत की आगोश में होते!


सबक:- {जीवन में, शुभचिंतकों की कमी नहीं, लोग हैं ...बहुत से हैं .... पर हर तली बजने वाला आपका शुभचिंतक नहीं ... जो आप की जीत का जश्न मनाएं ....... इसलिए सावधान रहिये}

Friday, February 15, 2013

कोई दिल नहीं रहता !!!


 

ज़रा देखना तो .......ये दरवाज़े पे दस्तक कैसी है ,
अगर  जो हो , वो इश्क तो .....उससे कहना

अब  यहाँ कोई दिल नहीं रहता !!!

Tuesday, February 5, 2013

ये दोस्त

झूठ कहूँ तो सब कुछ है मेरे पास
और सच कहूँ तो ...ये दोस्त तेरे सिवा कुछ नहीं है ख़ास 

न जाने किस दरबार का चिराग हूँ मैं ,
जिस किसी का जब भी दिल चाहता है ... जला के छोड़ देता है !!!

Thursday, January 31, 2013

समन्दर में उतर जाते !!!


 
काश  तुम मेरे मायूसी के लम्हों में थोड़ा  भी होसला देते 
"ये दोस्त ...."
तो हम कागज़ की कश्ती  बनाकर समन्दर में उतर जाते !!!

Wednesday, January 30, 2013

गिना ही नहीं था कभी .!!!


 
 वक़्त की नज़ाकत  को देखते हुए,   बदल जाते हैं लोग सभी,
मगर मैंने तुम्हे "लोगों में" ..................गिना ही नहीं  था कभी .!!!
 

Thursday, January 17, 2013

तुम उदास क्यों हो ..



आज तुम्हें उदास लोगों की पहचान बताता हूँ ,
कभी गौर से देखना ......वो हँसते बहुत हैं !!!

यकीन न आये तो , एक बार पूछकर देखना,
वो शख्स, जो  बात - बात पे मुस्कुराता है , वो ज़ख्मों से लबरेज़ निकलेगा !!

मेरे गरीबखाने पे आ रहे तो ,..... ज़रा ख्याल रखना ,

दिल टूटकर बिखरा पड़ा है रस्ते में .........ज़रा संभल के पाँव रखना !!!


हंस कर हर मुसीबत को सहा है मैंने,
सिर्फ इस उम्मीद पे की, कल ....आज से बेहतर होगा !!! 

कितना और किस कदर जनता होगा वो शख्स .....मेरे बारे में ,
जो मेरे मुस्कुराने पे बोल पड़ा,
सुनो !!!
तुम उदास क्यों हो ........

आज - कल की दुनियां में , इंसान ही इंसान को डसता है,
लोग तमाशा करते हैं, और साँप  तो बस ...उं  ही , दुर बैठकर देखता है !!!

Monday, January 14, 2013

वो अश्क़



बहुत अन्दर तक तबाही मचा देता है, इस मासूम दिल में ,

वो अश्क़, .... जो चाहकर भी, इन् आँखों से बह नहीं पाया  !!!

Thursday, January 10, 2013

तुम्हे दुःख होगा !!!


जब सज़ा  दे ही चुके हो तो ..........हाल भला क्यों पूछते हो,
ग़र हम  बेगुनाह निकले तो, तुम्हे दुःख होगा !!!

Sunday, January 6, 2013

वादे और बातें



कमाल का हौसला दिया है ख़ुदा ने, हम पंचतत्व से बने इन्सानों को,
वाकिफ़ अगले पल से नहीं होते .... और वादे और बातें जन्मों जनम का करते हैं !!!