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Saturday, July 13, 2013
पहले ही छलक पड़ा !!
चाहत तो थी .... की लिखूं ये ...की तेरी दोस्ती के बगैर में बिलकुल खुश हूँ ,
मगर ये कमबख्त आंसू भी ना, कलम के लिखने से पहले ही छलक पड़ा !!
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