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ज़िन्दगी

Thursday, June 27, 2013

पैर से उड़ा भी देते !!

काश क्या खूब होता ...की हमारी यादें " रेत् " के सामान होती,
मुट्ठी से गिरा  देते ....और पैर से उड़ा भी देते !!

कयामत होती

ख़ुदा  का करिश्मा ही है दोस्त ............की ये दिल बेचारा सिर्फ सुनता है ....और सुनकर सहता है,
वरना ............... ग़र इसे बोलने की आज़ादी दी जाती तो आज कयामत होती !!

Saturday, June 15, 2013

हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ ,


हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ ,
"दोस्त "
ये सोचकर, की जो नाकामी का डर मेरे इस दिल में बैठा था,

वो कम से कम इस ख़ून  के साथ निकल तो जाये !!!

Tuesday, June 11, 2013

"कम्बखत" ये ज़िन्दगी तो चार दिन की ही निकली !!!




खुशियों ने वादा किया था .......की हम पाँच दिन बाद .....लौट आयेंगें, 


पर ये क्या ग़द्दारी है यार ??


जब हमने ज़िन्दगी की किताब खोलकर देखा तो,

"कम्बखत"  ये ज़िन्दगी तो  चार दिन की ही निकली !!!

Saturday, June 8, 2013

जहाँ पानी में




ना जाने कहाँ ग़ुम सी  गई ...... वो मेरे बचपन की अमीरी, 
जहाँ पानी में भी ........... हमारे जहाज चला करते थे !!

Thursday, June 6, 2013

आप ही अनुमान लगाने शुरू कर देता है !!!

प्रश्न: "गूगल एक लड़का है या लड़की है..???
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दोस्तों आपको क्या लगता है??? .
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उत्तर: " ज़ाहिर  है यह एक लड़की है!
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क्योंकि .... यह आपका वाक्य पूरा होने से पहले ही सुझाव देने लगता है, और अपने आप ही अनुमान लगाने शुरू कर देता है !!!

Wednesday, June 5, 2013

ढूंढते - ढूंढते



मेरे लफ़्ज़ों से न कर ...मेरे किरदार का फ़ैसला ,
तेरा वज़ूद मिट जायेगा, मेरा हक़ीकत ढूंढते - ढूंढते !!!