zindagi
ज़िन्दगी
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Friday, February 15, 2013
कोई दिल नहीं रहता !!!
ज़रा देखना तो .......ये दरवाज़े पे दस्तक कैसी है ,
अगर जो हो , वो इश्क तो .....उससे कहना
अब यहाँ कोई दिल नहीं रहता !!!
Tuesday, February 5, 2013
ये दोस्त
झूठ कहूँ तो सब कुछ है मेरे पास
और सच कहूँ तो ...ये दोस्त तेरे सिवा कुछ नहीं है ख़ास
न जाने किस दरबार का चिराग हूँ मैं ,
जिस किसी का जब भी दिल चाहता है ... जला के छोड़ देता है !!!
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