एक युवा मच्छर अपनी ज़िन्दगी की पहली उड़ान के लिए उड़ा !!
पिता ने पूछा, "कैसा लगा ?
मच्छर ने कहा, "पापा ...ये अनुभव तो बहुत अच्छा था! जिसने भी मुझे देखा ताली बजाने लगा।
पिता ने कहा, "वो ताली आप के लिए नहीं थी। उन लोगों की ताली आपको मारने के लिए थी,
वे और अधिक ताली बजाते, तो संभव था की आप इस वक़्त जीवित नहीं,...... मौत की आगोश में होते!
सबक:- {जीवन में, शुभचिंतकों की कमी नहीं, लोग हैं ...बहुत से हैं .... पर हर तली बजने वाला आपका शुभचिंतक नहीं ... जो आप की जीत का जश्न मनाएं ....... इसलिए सावधान रहिये}