zindagi
ज़िन्दगी
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Tuesday, June 11, 2013
"कम्बखत" ये ज़िन्दगी तो चार दिन की ही निकली !!!
खुशियों ने वादा किया था .......की हम पाँच दिन बाद .....लौट आयेंगें,
पर ये क्या ग़द्दारी है यार ??
जब हमने ज़िन्दगी की किताब खोलकर देखा तो,
"कम्बखत" ये ज़िन्दगी तो चार दिन की ही निकली !!!
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