zindagi
ज़िन्दगी
ज़िन्दगी
Thursday, January 31, 2013
समन्दर में उतर जाते !!!
काश तुम मेरे मायूसी के लम्हों में थोड़ा भी होसला देते
"ये दोस्त ...."
तो हम कागज़ की कश्ती बनाकर समन्दर में उतर जाते
!!!
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment