zindagi
ज़िन्दगी
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Wednesday, May 29, 2013
चेहरा बदलते देखा है !!!
बादल के आगे चाँद को भी मचलते देखा है,
पलकों के नीचे, आँखों को भी संभलते देखा है!!
पर ये ज़रूरी नहीं की हर शीशा आपके चेहरे का गुलाम हो ....क्योंकि दोस्त,
हमने आईने के आगे चेहरा बदलते देखा है !!!
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