zindagi
ज़िन्दगी
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Friday, May 31, 2013
अक्सर बात किया करते हैं
सलीका हो ग़र भीगी पलकों को पढ़ने का,
तो बहते हुए आंसु, अक्सर बात किया करते हैं !!
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