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ज़िन्दगी

Thursday, October 18, 2012

मुकद्दर लिखने की कलम और दवात



किसी कवि ने कहा है, कागज कलम दवात ला, लिख दूँ  जां तेरे नाम सनम

और मैंने कहा

काश कहीं से मिल जाये मुझे मुकद्दर लिखने की कलम और स्याही

तो आपकी  तकदीर के पन्नो पे  लिख दूं , की 

आपकी ज़िन्दगी का  हर - पल , हर लम्हा  

खुशियों भरा हो 

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