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ज़िन्दगी

Wednesday, October 3, 2012

सारी उम्र प्यासे रह गए!!!

क्या सुनाऊं मेरे दोस्तों अपनी दास्ताँ, 
एक वक़्त था, जब तन्हाई साथ थी 
फिर भी कहलाता था समन्दर के रखवाले, 
और सारी  उम्र प्यासे रह गए!!!


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