zindagi
ज़िन्दगी
ज़िन्दगी
Tuesday, October 30, 2012
छोड़ दूंगा तुझे
बाज़ आ जाओ मुझे रुलाने से , नहीं तो तरस जाओगे हंसी के लिए !
ए ज़िन्दगी देख, .........इस तरह ना रुलाया कर मुझे।
गर ...... हो गया मैं खफ़ा, तो छोड़ दूंगा तुझे ।।
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