जीवन बनकर रह गयी एक पहेली
खड़ा रह गया मैं अकेला
न कोई रस्ते हैं .... बस सोची है इक मंजिल
न कोई अपना है ,.... बस नाम के हैं साथी
फिर भी जी रहा हूँ , ..........निगाहों को ये आस देकर
ये और बात है की आज मेरी कोई कद्र नहीं करता
कल ज़माना करेगा
कोई जनता नहीं ?
कल होगा सबकी ज़बां पे मेरा ही नाम
हाँ .. मैं संघर्ष करूँगा,....... जीवन प्रयत्न लडूंगा
संभव है,................. मैं हार भी गया
फिर भी जीतने की कोशिश करूँगा।


nice dear
ReplyDeletethanx 4 advice
koshish karne walon ki haar nahi hoti
good lage raho