न तुझे छोड़ सकते हैं, न तेरा हो सकते हैं
ये कैसी बेवसी है, हम रो भी नहीं सकते
ये कैसा दर्द है, हम पल - पल तड़पते रहते हैं
तेरी याद आती है, और हम सो भी नहीं सकते
न हम छुपा सकते हैं, और न ही दिखा सकते हैं लोगों को
कुछ ऐसे दाग हैं दिल पर, जिसे हम धो भी नहीं सकते
कहा था ये शहर छोड़ देंगें, फिर रुक गए लेकिन
जनता हूँ तुम्हे पा तो नहीं सकते, पर खो भी नहीं सकते
अब तो हम दोनों का एक होना भी नामुमकिन सा लगने लगा है
जिए तो कैसे जियें ..........मर भी तो नहीं सकते