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ज़िन्दगी

Wednesday, May 29, 2013

काश..एक रूह की खातिर ........तुम यहाँ होते ,  एक नज़्म बनकर !
तो  समेट  लेता तुम्हे पन्नो में  चुन - चुनकर !!
मोड़कर पन्नो को भर देता लिफ़ाफे में ,
और भेज देता उसे .....आपके घर पर !!
काश तुम यहाँ होते एक नज़्म  बनकर !!

चेहरा बदलते देखा है !!!




बादल के आगे चाँद को भी मचलते देखा है, 
पलकों के नीचे, आँखों को भी संभलते देखा है!!
पर ये ज़रूरी नहीं की हर शीशा आपके चेहरे का गुलाम हो ....क्योंकि दोस्त,
हमने आईने  के आगे चेहरा बदलते देखा है !!!

सज़ा है !!!


 डूबी है,  मेरी उँगलियाँ, मेरे ही ख़ून में .......................दोस्तों ,
ये चंद  कांच के टुकडो पे भरोसे की सज़ा है !!!
 

Wednesday, May 15, 2013

कहीं जाने की!



जलते हुए शहरों में इजाफा ही तो होगा,
जब रस्म  ही नहीं है, ...कोई आग बुझाने की! 
ग़र  नियत ही ठीक नहीं है इस ज़माने की,
जल्दी तो मुझे भी नहीं है, कहीं जाने की!!

Wednesday, March 13, 2013

आत्मनिर्भता खत्म होने के बाद

शक़ से आत्मनिर्भरता ख़त्म  हो जाती है,
और आत्मनिर्भता खत्म होने के बाद  .... ज़िन्दगी !!!

Saturday, March 9, 2013

इसलिए सावधान रहिये


एक युवा मच्छर अपनी ज़िन्दगी की पहली उड़ान के लिए उड़ा !!


पिता ने  पूछा, "कैसा लगा ?
मच्छर ने कहा, "पापा ...ये अनुभव तो बहुत अच्छा था!  जिसने भी मुझे देखा ताली बजाने लगा।
पिता ने कहा, "वो ताली आप के लिए नहीं थी।  उन लोगों की ताली  आपको मारने के लिए थी,
वे और अधिक ताली बजाते, तो संभव था की आप इस वक़्त जीवित नहीं,...... मौत की आगोश में होते!


सबक:- {जीवन में, शुभचिंतकों की कमी नहीं, लोग हैं ...बहुत से हैं .... पर हर तली बजने वाला आपका शुभचिंतक नहीं ... जो आप की जीत का जश्न मनाएं ....... इसलिए सावधान रहिये}