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ज़िन्दगी

Monday, December 3, 2012

आज तलाश में मेरी निकले हैं


 

तमाशा देख रहे थे जो कभी, मेरे डूबने का मंज़र देखकर !
आज तलाश में मेरी निकले हैं ..........  कश्तियाँ लेकर !!!

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