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ज़िन्दगी

Monday, November 26, 2012

मुहब्बत की दुकान



ना पूछिये तो बेहतर होगा की क्या हाल है ........... मेरे कारोबार का,,
मुहब्बत  की दुकान  चला रहा हुं  मैं  ...........नफ़रतों  की इस बाज़ार में !!

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