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ज़िन्दगी

Monday, October 18, 2010

कोई दोस्त ऐसा बनाया जाये,
जिसके आसुओं को पलकों में छुपाया जाए,
रहे उसका मेरा रिश्ता कुछ ऐसा,
की अगर वो रहे उदास तो हमसे भी न मुस्कुराया जाये

4 comments:

  1. aashish ji bilkul sahi kaha hai aapne. kabhi hamari rachnao ko bhi padhe.

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  2. दिल को छू लेने वाली रचना, बधाई

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