आज तुम्हें उदास लोगों की पहचान बताता हूँ ,
कभी गौर से देखना ......वो हँसते बहुत हैं !!!
यकीन न आये तो , एक बार पूछकर देखना,
वो शख्स, जो बात - बात पे मुस्कुराता है , वो ज़ख्मों से लबरेज़ निकलेगा !!
मेरे गरीबखाने पे आ रहे तो ,..... ज़रा ख्याल रखना ,
दिल टूटकर बिखरा पड़ा है रस्ते में .........ज़रा संभल के पाँव रखना !!!
हंस कर हर मुसीबत को सहा है मैंने,
सिर्फ इस उम्मीद पे की, कल ....आज से बेहतर होगा !!!
कितना और किस कदर जनता होगा वो शख्स .....मेरे बारे में ,
जो मेरे मुस्कुराने पे बोल पड़ा,
सुनो !!!
तुम उदास क्यों हो ........
आज - कल की दुनियां में , इंसान ही इंसान को डसता है,
लोग तमाशा करते हैं, और साँप तो बस ...उं ही , दुर बैठकर देखता है !!!