zindagi
ज़िन्दगी
ज़िन्दगी
Monday, July 28, 2014
बदनाम मत करना।
ग़र टूट जाए रिश्ते कभी अपनों से,
राज़ की बात आम मत करना।
ज़िन्दगी बस चार दिन की है,
दोस्ती जैसे रिश्ते को बदनाम मत करना।
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